बड़वाह के सुराना नगर स्थित मां ऊं नर्मदा मुक बधिर एवं द्रष्टि बाधित आवासीय निशुल्क विद्यालय में दृष्टि बाधितो के मसीहा एवं ब्रेल लिपि के आविष्कारक लुईस ब्रेल का जन्म दिन मनाया गया। कार्यक्रम में सर्वप्रथम विधालय कि वरिष्ठ शिक्षिका इन्दिरा जोशी द्वारा सरस्वती पूजन करा और विधालय के छात्र सतीश गंगाराम कक्षा छठी के छात्र ने बताया कि लुई ब्रेल का जन्म दिन 4 जनवरी 1809 में हुआ था वह फ्रांस के शिक्षाविद तथा अन्वेषक थे जिन्होने नेत्रहीनों के लिये लिखने तथा पढ़ने की प्रणाली विकसित की। यह पद्धति ‘ब्रेल’ नाम से जगप्रसिद्ध है। फ्रांस में जन्मे लुई ब्रेल नेत्रहीनों के लिए ज्ञान के चक्षु बन गए। ब्रेल लिपि के निर्माण से नेत्रहीनों की पढ़ने की कठिनाई को मिटाने वाले लुई स्वयम भी नेत्रहीन थे। यह कार्यक्रम संस्था के संचालक संजय कदम के मार्गदर्शन में हुआ जिसमें समस्त स्टाफ उपस्थित था।



