विश्व ध्यान दिवस पर पांच शिविर लगाए
बड़वाह ध्यान के प्रति वैश्विक जागरूकता के लिए और ध्यान के लाभों के संबंध में जागरूकता बढ़ाने के लिए 21 दिसंबर को विश्व ध्यान दिवस के रूप में घोषित किया गया है। शनिवार को बड़वाह और सनावद में रामचंद्र मिशन के तत्वाधान में हार्ट फुल नेस कार्यक्रम के अंतर्गत ध्यान के पांच आयोजन संपन्न हुए। प्रो. निर्मल दग्धी ने जानकारी देते हुए बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन WHO ने भी ध्यान के महत्व को पहचाना और संयुक्त राष्ट्र संघ UNO ने 21 दिसंबर को विश्व ध्यान दिवस घोषित कर वैश्विक मान्यता प्रदान करते हुए व्यक्ति को एकाग्रता की स्थिति में चित्त व चेतना की अनुभूति के द्वारा योग्य मानक का आनंद लेने के अधिकार को याद दिलाया गया है।
विश्व की हर चेतना को एक करता हुआ एकात्म चेतना के महाअभियान में शनिवार को बड़वाह के पुलिस थाना एवं शासकीय महाविद्यालय में और सनावद के शासकीय महाविद्यालय, रेवा गुर्जर स्कूल और रेवा गुर्जर महाविद्यालय में आयोजित ध्यान शिविर में स्टाफ और विद्यार्थियों ने रामचन्द्र मिशन के ध्यान विशेषज्ञ प्रो. निर्मल दग्धी, श्रीमती अलका नरेंद्र पटेल एवं भानूप्रकाश केशरी के मार्गदर्शन में हार्ट फुलनेस के ध्यान के सुनिश्चित क्रम अनुसार क्रियाएं करते हुए शिविर का लाभ लिया। बड़वाह के पुलिस थाना प्रभारी बलराम सिंह राठौर ने कहा कि जनसेवा और कानून व्यवस्था के परिपालन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी, कर्तव्य के निर्वहन में परिस्थितियों से जुझते हुए के पुलिस बल के लिए ध्यान की क्रिया शारीरिक और मानसिक ऊर्जा की प्राप्ति के लिए सहायक है। शासकीय महाविद्यालय के प्रो. अरविंद श्रीवास्तव ने प्रत्येक उम्र और वर्ग के व्यक्तियों और विशेषकर विद्याध्ययन कर रहे विद्यार्थियों के लिए ध्यान को आवश्यक बताया।
मिशन और अभ्यास के अनुभव पर चर्चा करते हुए श्रीमती अलका पटेल ने बताया कि आध्यात्मिक कल्याण विशेष रूप से हार्ट फूल नेस मेडिटेशन के लिए लंबे समय से कार्य करने वाली भारतीय संस्था के भारत सहित अन्य देशों में मिशन के हजारों अभ्यासी कार्यकर्ताओं ने दैनिक जीवन में ध्यान मेडिटेशन को अपनाया है। भारतीय वेद ज्ञान की सनातन परंपरा के संवाहक रामचंद्र मिशन के छोटे और बड़े शिविरों में प्रशिक्षण के पश्चात अपने निरंतर अभ्यास से ध्यान के अभ्यासी को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के उच्चतम स्तर को प्राप्त में सहायता मिलती है।



